CM Ladli Laxmi Yojana 2.0: बेटियों को मिलेगी ₹1.43 लाख की आर्थिक मदद, जानें पात्रता, लाभ, दस्तावेज करें अप्लाई

CM Ladli Laxmi Yojana 2.0: लाडली लक्ष्मी योजना वर्ष 2007 में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना के जरिए बालिकाओं के जन्म से लेकर उनकी 21 वर्ष की आयु पूरी होने तक उनके शैक्षिक और आर्थिक स्तर में सुधार लाना है साथ-साथ उनके अच्छे उज्जवल भविष्य के आधारशिला रखने और समाज में फैली कन्या के जन्म पर बुरी धारणाओं और नकारात्मक सोच को खत्म करना है।
CM Ladli Laxmi Yojana 2.0 बेटियों को मिलने वाली शैक्षिक उपलब्धियां पर भुगतान देती है और अंत में 21 वर्ष की आयु पूरी होने तक ₹1 लाख की एक मस्त राशि उनके उच्च शिक्षा, विवाह या व्यवसाय आदि के लिए प्रदान करती है इस योजना का मकसद बेटियों को महत्व देकर उनकी शिक्षा को बढ़ावा देकर बाल विवाह को रोककर लिंगा सामान्य को बढ़ावा देना है।
CM Ladli Laxmi Yojana 2.0: Overview
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री लाडली लक्ष्मी योजना 2.0 |
| शुरू की गई | 20007 में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा ( MP ) |
| प्रबंधित विभाग | मध्य प्रदेश महिला एवं बाल विकास विभाग |
| लाभार्थी | मध्य प्रदेश की आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बालिकाएं प्रति परिवार (अधिकतम दो) |
| लाभ राशि | लाडली लक्ष्मी के नाम पर ₹1,18,000 का नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट ( NSC ) |
| योजना की परिपक्वता | 21 वर्ष |
| उद्देश्य | शिक्षा को बढ़ावा देना, बाल विवाह को रोकना, भ्रूण हत्या को रोकना, और समाज में रूढ़िवादी सोच को खत्म करना |
| आवेदन प्रक्रिया | ऑनलाइन |
| आधिकारिक वेबसाइट | यहाँ क्लिक करें |
CM Ladli Laxmi Yojana 2.0 क्या है ?
लाडली लक्ष्मी योजना वर्ष 2007 में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई एक महत्वपूर्ण योजना है जिसका संचनालय मध्य प्रदेश महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किया जाता है। इस योजना के माध्यम से सरकार ने बेटियों को उच्च शिक्षा की ओर बढ़ावा देने, बाल विवाह को रोकने, भ्रूण हत्या को रोकने और लिंग समानता को बढ़ावा देने का प्रयास किया है।
CM Ladli Laxmi Yojana 2.0 का उद्देश्य
- बालिकाओं को महत्व दिलाना – सरकार द्वारा वित्तीय प्रोत्साहन मिलने पर परिवार अपनी बेटियों के जन्म पर उनके स्वागत के लिए प्रेरित होते हैं ।
- बाल विवाह को रोकना- योजना बाल विवाह को रोकने में बड़ा माध्यम बनेगी क्योंकि योजना की तहत मिलने वाली सहायता राशि 18 वर्ष की आयु के बाद विवाह होने पर प्राप्त होती है।
- लिंगानुपात में सुधार – यह योजना बेटा और बेटी के प्रति नकारात्मक सोच को खत्म करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और समाज में महिला की घटती जनसंख्या को रोकने का माध्यम बनती है
- शिक्षा को बढ़ावा देना- स्कूल नामांकन से जुड़े भुगतान सेक्सी बेटियों को आगे की शिक्षा जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करती है।
- वित्तीय सहायता प्रदान करना- 21 वर्ष की आयु में मिलने वाली वित्तीय सहायता स्वतंत्रता और अवसर प्रदान करती है।
लाडली लक्ष्मी योजना के लाभ
- वित्तीय सुरक्षा- मध्य प्रदेश सरकार की तरफ से बालिका के नाम पर ₹1,43,000 का इंश्योरेंस सर्टिफिकेट प्रदान किया जाता है ।
- सालाना जमा राशि- रजिस्ट्रेशन के बाद पहले 5 वर्षों तक वार्षिक रूप से ₹6000 की राशि जमा की जाती है।
- शिक्षा के आधार पर मिलने वाली सहायता- विभिन्न शैक्षिक स्तर पर वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
1 – कक्षा 6 में ₹2000 की आर्थिक सहायता
2-कक्षा 9 में ₹4000 की आर्थिक सहायता
3-कक्षा 11वीं और 12वीं में प्रत्येक में ₹6000 की सहायता
- उच्च शिक्षा को प्रोत्साहन देना- योजना के माध्यम से कॉलेज या प्रोफेशनल कोर्स ( कम से कम 2 वर्ष) के लिए ₹25000 तक का अनुदान करती है।
- अतिरिक्त हायर सेकेंडरी लाभ – इस योजना के माध्यम से 11वीं 12वीं में ₹200 प्रति माह छात्राओं को प्रदान किया जाता है।
- 21 वर्ष की आयु पूरी होने पर एक मुफ्त राशि- 21 वर्ष की आयु पूरी होने पर बालिका को एक लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है शर्त की उसकी शादी 18 वर्ष से पहले ना हुई हो।
3-कक्षा 11वीं और 12वीं में प्रत्येक में ₹6000 की सहायता
- उच्च शिक्षा को प्रोत्साहन देना- योजना के माध्यम से कॉलेज या प्रोफेशनल कोर्स ( कम से कम 2 वर्ष) के लिए ₹25000 तक का अनुदान करती है।
- अतिरिक्त हायर सेकेंडरी लाभ – इस योजना के माध्यम से 11वीं 12वीं में ₹200 प्रति माह छात्राओं को प्रदान किया जाता है।
- 21 वर्ष की आयु पूरी होने पर एक मुफ्त राशि- 21 वर्ष की आयु पूरी होने पर बालिका को एक लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है शर्त की उसकी शादी 18 वर्ष से पहले ना हुई हो।
योजना के लिए पात्रता एवं मानदंड
- बालिका का जन्म 1 जनवरी 2006 या उसके बादका होना चाहिए
- बालिका का नाम स्थानीय आंगनवाड़ी में रजिस्टर्ड होना चाहिए।
- लाडली लक्ष्मी के माता-पिता है इनकम टैक्स धारक नहीं होने चाहिए।
- इस योजना का लाभ एक परिवार की अधिकतम दो बालिकाओं को दिया जाएगा लेकिन दूसरी बालिका की जन्म की पश्चात फैमिली प्लानिंग होना अनिवार्य है।
- 18 वर्ष की आयु से पहले बालिका की शादी होने पर वह इस योजना की पात्र नहीं रहेगी।
लाडली लक्ष्मी योजना लागू करने वाले राज्य
CM Ladli Laxmi Yojana 2.0 कई राज्यों में बेटियों के कल्याण और शिक्षा को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से अलग-अलग नाम से चलाई जा रही है जिनकी लिस्ट नीचे दी गई है:-
| राज्य | योजना के नाम |
| हरियाणा | लड़ली योजना |
| उत्तर प्रदेश | भाग्यलक्ष्मी योजना |
| दिल्ली | दिल्ली लडली योजना |
| छत्तीसगढ़ | धनलक्ष्मी योजना |
| गोवा | लड़ली लक्ष्मी योजना |
| झारखंड | लक्ष्मी लडली योजना |
आवश्यक दस्तावेज
- समग्र आईडी
- बालिका का जन्म प्रमाण पत्र
- माता-पिता का पहचान
- माता-पिता के साथ बालिका की पासपोर्ट साइज फोटो
- मध्य प्रदेश का निवास प्रमाण पत्र
- आंगनबाड़ी पंजीकरण कार्ड
आवेदन प्रक्रिया ( ऑनलाइन )
- सबसे पहले मध्य प्रदेश लाड़ली लक्ष्मी योजना की आधिकारिक वेबसाइटhttps://ladlilaxmi.mp.gov.in/llyhome.aspx पर जाना होगा
- अब होम पेज पर पंजीकरण या रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को पूरा करें,
- आपके परिवार की समग्र आईडी डालकर पहचान सत्यापित करें,
- अब आवेदन फार्म भरें जिसमें बालिका की व्यक्तिगत जानकारी परिवार की जानकारी आदि और लाभ लेने के लिए बैंक खाता विवरण आदि को भारी,
- अब मांगे गए सभी जरूरी दस्तावेज जैसे जन्म प्रमाण पत्र निवास प्रमाण पत्र, समग्र आईडी, फोटो आदि को स्कैन करके अपलोड करें,,
- अब आपके द्वारा आवेदन फार्म भरे गए आवेदन फार्म की पुष्टि करें और सबमिट करें,
आवेदन प्रक्रिया (ऑफलाइन )
- ऑफलाइन आवेदन फॉर्म भरने के लिए सबसे पहले अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र ग्राम पंचायत कार्यालय में जाएं।
- अब वहां जाकर लाडली लक्ष्मी योजना 2.0 के आवेदन फार्म के लिए अनुरोध करें।
- आवेदन फार्म में अपने सभी जरूरी जानकारी नाम, समग्र आईडी, जन्म प्रमाण पत्र, पहचान प्रमाण पत्र आदि को भली-भांति भरे।
- अब आवेदन फार्म में मांगे के सभी जरूरी दस्तावेज को आवेदन फार्म के साथ अटैच करें।
- आवेदन फार्म को अच्छे से चेक करने के पश्चात आंगनबाड़ी केंद्र या ग्राम पंचायत कार्यालय में अधिकारी के पास जमा कर दें।
नोट- आवेदन फार्म कार्यालय के अधिकारियों द्वारा सत्यापित किया जाएगा और अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा।